
कंवलियास में पाबूजी महाराज के निर्देशानुसार खुदाई के दौरान शिवलिंग प्रतिमा प्रकट हुई। 15 अक्टूबर 2024 को ग्रामवासियों की उपस्थिति में पूजा-अर्चना और अभिषेक किया गया। इसके बाद यह स्थल आस्था, सेवा और सामुदायिक विकास का केन्द्र बना।
मंदिर प्रबंधन समिति पारदर्शी दान व्यवस्था, धार्मिक आयोजनों, सेवा गतिविधियों और मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्यरत है।